करीब से देख मुझे

करीब से देख मुझे

करीब से देख मुझे, मैं तेरे पास ही हूँ !
मैं हूँ जितना दूर तुझसे, उतना तेरे पास भी हूँ !!

मैं हूँ एक बेउम्मीदी सी, मैं एक आस भी हूँ !
मैं तेरा शेहरा भी हूँ, मैं तेरी प्यास भी हूँ !!

मैं तेरा अंत भी हूँ, तेरा आगाज़ भी हूँ !
मैं हूँ एक मिट्टी का कड़, मैं तेरी आखिरी राख भी हूँ !!

मैं हूँ एक दरख़्त सूखा हुआ, मैं एक नयी साख भी हूँ !
मैं हूँ एक खुली किताब, और सीने में दफ़न एक राज़ भी हूँ !!

मैं हूँ तेरी ख़ामोशी, और तेरी आवाज़ भी हूँ !
मैं हूँ एक पिघलती हुयी शबनम की बूँद, मैं आग भी हूँ !!

करीब से देख मुझे, मैं तेरे पास ही हूँ !
मैं हूँ जितना दूर तुझसे, उतना तेरे पास भी हूँ !!

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