जिंदगी का अधूरापन

जिंदगी का अधूरापन

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एक चेहरा है जो मेरी आँखों के सामने हर पल रहता है एक आवाज है जो मुझे बार बार सुनाई देती है। सब ख़त्म होके भी उसके मेरे दरमियाँ कुछ तो बाकी है कुछ तो है मेरा जो वो अपने साथ ले गया वरना मुझे यूँ कमी महसूस न होती। ये जिंदगी का खालीपन में भर नहीं पा रहा हूँ जिंदगी ठहर सी गई है में आज भी वही खड़ा हुआ हूँ जहां वो मुझे छोड़ के गया था

 


मेरी नामयाब कोसिसों ने हार मान ली है वो बजूद में इस कदर शामिल है कि उसको खुद से दूर करना नामुमकिन सा है। में जिन्दा तो हूँ लेकिन जीने का एहसाह नहीं है दिल धड़कता तो है लेकिन धड़कन महसूस नहीं होती। ये जानते हुए भी कि वो अब कभी लौटकर नहीं आएगा में फिर भी उसके इंतजार में जी रहा हूँ शायद मेरा दिल मेरे दिमाक की बात समझ नहीं पा रहा है। अजीब इत्तेफ़ाक़ है जिसने मुझे मरने के लिए मजबूर कर दिया में आज भी उसे उतना ही चाहता हूँ जितना कि उसके साथ होने पर चाहता था ये चाहत दिन रात भड़ती जा रही है उसका एहसास कम नहीं होता, में एक ऐसे रस्ते पे जा रहा हूँ जिसकी कोई मंजिल ही नहीं है।

 

में जीने के लिए बजह तलाश नहीं कर रहा हूँ बल्कि उसके ख़यालों में जिन्दा रहने की कोसिस कर रहा हूँ जो मुझे मेरी मौत से पहले मार देगा। में ये जहर हर रोज पी रहा हूँ कोई फिक्र नहीं होती मुझे उसके बिना जिंदगी बेसे भी मेरे किसी काम की नहीं ये बेबस बेमतलब की जिंदगी का बोझ कब तक झेलूँगा में ये तड़फ मुझसे अब और बर्दास्त नहीं होती

जिंदगी की कैद से आजाद होना चाहता हूँ किस्मत की बात है जिसकी जरुरत हद से ज्यादा है आज वही साथ नहीं है उसके सारे इल्जाम अपने सर पे ले लिए हैं मेने और उससे कोई शिकायत भी नही है मुझे क्यों कि ये वो भी जनता है की गुनेहगार कौन कितना है। बहुत हिम्मत की बात है कि वो इस सदमे को कैसे बर्दास्त कर रहा है जो में नहीं कर पाया। बहुत हिम्मत चाहिए किसी के बिना टूट जाने के बाद खुद को जिन्दा रखना।

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