नश़ीब

नश़ीब

मेरे नश़ीब में तू है ये ख़ुशी मुझको है !

मेरी ख़ुशी से न जानें क्यूं जलन तुझको है !!

तेरे ग़म को अपनी रूह में उतार लूँ..ज़िंदगी तेरी चाहत में सवार लूँ..

मुलाक़ात हो तुझ से कुछ इस तरह..
तमाम उमर बस इक मुलाक़ात में गुज़ार लूँ….!!

कभी यूँ भी आओ मेरे करीब तुम, मेरा इश्क मुझको ख़ुदा लगे,
मेरी रूह में तुम उतरो ज़रा मुझे अपना भी कुछ पता लगे,

बड़ी हवेली में रहते हैं छोटे दिल वाले !

उन्हें भले लगते हैं अक्सर खोटे दिल वाले !!

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