होठों की हँसी आँखों की नमी,
मेरा एहसास और मेरी कमी,
सिर्फ तुम ही हो, सिर्फ तुम ही हो।
चाहतों का जहां आरजुओं की जमीं
मेरे जीने की बजह, और दिल कि लगी,
सिर्फ तुम ही हो, सिर्फ तुम ही हो।।

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