एक चेहरा है जो मेरी आँखों के सामने हर पल रहता है एक आवाज है जो मुझे बार बार सुनाई देती है। सब ख़त्म होके भी उसके मेरे दरमियाँ कुछ तो बाकी है कुछ तो है मेरा जो वो अपने साथ ले गया वरना मुझे यूँ कमी महसूस न होती। ये जिंदगी का खालीपन में
कभी बेसुमार खुशियों से जोड़ देती है, कभी गर्दिशों में साथ छोड़ देती है। कौन नहीं चाहता अच्छे दोस्तों का साथ, मगर नए रिश्तों की भीड़ में दोस्ती दम तोड़ देती है।। दोस्ती एक आज़ाद एहसास है कब किसे कहाँ मिल जाये कोई नहीं जनता, कब दिल में अपना घर बना लेती है पता ही